टीचर्स से लेकर स्टूडेंट्स तक... UGC के वो 4 नियम कौन से हैं जिनपर बवाल मचा हुआ है?

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UGC ने 13 जनवरी 2026 को उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए चार नए नियम लागू किए हैं, जिन पर विवाद खड़ा हो गया है। इन नियमों के तहत सभी विश्वविद्यालयों में Equity Committees का गठन अनिवार्य होगा, जो भेदभाव के मामलों की जांच करेंगी। इसके अलावा, Equity Squads का निर्माण किया जाएगा, जो कैंपस में सक्रिय रूप से निगरानी रखते हुए भेदभाव के मामलों को तुरंत रिपोर्ट करेंगे। नए नियमों में 24x7 हेल्पलाइन की स्थापना भी शामिल है, जिसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को तुरंत सहायता प्रदान करना है। यह हेल्पलाइन भेदभाव से संबंधित किसी भी शिकायत को तुरंत संबोधित करेगी। UGC का मानना है कि इस पहल से छात्रों को एक सुरक्षित और समावेशी वातावरण मिलेगा, लेकिन कुछ शिक्षकों और छात्रों का कहना है कि यह कदम शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता में हस्तक्षेप करता है। सख्त निगरानी के उपायों को लेकर शिक्षकों और छात्रों के बीच मतभेद उभर आए हैं। कुछ का तर्क है कि ये नियम सकारात्मक बदलाव लाएंगे, जबकि अन्य इसे नियंत्रण का प्रयास मानते हैं। इस विवाद के बीच, UGC का कहना है कि ये कदम उच्च शिक्षा में समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक हैं, और इनका उद्देश्य भेदभाव को जड़ से समाप्त करना है।

— Authored by Next24 Live